मरने की आर्ज़ू मैं जिये जा रहा हूँ में,
पाने की आरज़ू में खोये जा रहा हूँ में !
जिंदिगी-ए -कू -ए - यार मरने की आअस में ,
मर्ग ने भी खुकरा दिया जीने की अआस में !
रह रह के वोह मक़ाम याद आ रहे मुझे,
उस दिल रुबा ने वसल में बख्शे थे जो मुझे !
उस वक़्त जब में में नहीं रहा ,
वोह हाल जो बयां के काबिल नहीं रहा !
दिल से उठे अरमान जो उस आर्श पे गये,
उठने की जुस्तजू में हम दस्ते चले गये , हम दस्ते चले गये!
वोह नूर जो उस रात मैंने छु के पा लिया ,
एह्सास जिसका मेरी रूह पे छा गया !
एह्सास जिसका मेरी रूह पे छा गया !
Offering in the lotus feet of My Krishna!
पाने की आरज़ू में खोये जा रहा हूँ में !
जिंदिगी-ए -कू -ए - यार मरने की आअस में ,
मर्ग ने भी खुकरा दिया जीने की अआस में !
रह रह के वोह मक़ाम याद आ रहे मुझे,
उस दिल रुबा ने वसल में बख्शे थे जो मुझे !
उस वक़्त जब में में नहीं रहा ,
वोह हाल जो बयां के काबिल नहीं रहा !
दिल से उठे अरमान जो उस आर्श पे गये,
उठने की जुस्तजू में हम दस्ते चले गये , हम दस्ते चले गये!
वोह नूर जो उस रात मैंने छु के पा लिया ,
एह्सास जिसका मेरी रूह पे छा गया !
एह्सास जिसका मेरी रूह पे छा गया !
Offering in the lotus feet of My Krishna!
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