आज़ तेरी बज़म मे ऐ यार धम बर लूं ज़रा
आज तेरी आग़ोश मे ऐ यार सर रख लून ज़राआब्शारे की तरह प्यार यह पा लून सदा
फिर उठे अरमान यह मेरे तू सांसूं मे बर ले ज़रा
काश तेरा हर पहर साथ हो मेरे सदा काश तेरी रूह जो यह पासबाने यार होकाश मे रोता रहूँ प्यार मे तेरे सदा
कि दर्द मेरे सीने मे जो यह पाक दामन की तरह
अश्क़ जो बहते तेरे मेरे लख्ते जिगर की तरह
याद रख यह ज़िन्दिगी तेरी नहीं मेरी है यह
सांस जो लेता है तू है मेरी सांसूं की सादा
मांगते हे तुझे ही यह उसकी चोखट से सदा
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